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Friday, 12 December 2014

Aankho mai aansu

जब रोये उन्हे याद करके, तब आंखों में सिर्फ आंसू थे,
कुछ टूटे एहसास थे और आंखों में सिर्फ आंसू थे,
ना कोई पास था सिर्फ ग़मों का एहसास था और आंखों में सिर्फ आंसू थे,
समय की धारा में बहते गये, आँखों में नमी को सहते गये और हर पल आंखों में सिर्फ आंसू थे,
ख्वाब कुछ नये भी सजाये हमने पलकों में पर खुशी कहीं नहीं और आंखों में सिर्फ आंसू थे,
बंद करी जब आंखों तो इंतज़ार था और तेरे प्यार के  इन आंखों में सिर्फ आंसू थे।

क्या आप जानते हैं- 
  • Gang rap (सामूहिक बलात्कार) की घटना में सम्मिलित हर बलात्कारी की पहचान ‘DNA’ फिंगर प्रिंटिंग द्वारा अलग-अलग की जा सकती है।

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